श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती में 170वीं महाआरती संपन्न: पंडित दुर्गेश शुक्ला के सानिध्य में उमड़ा आस्था का सैलाब

सक्ती। नगर के प्रतिष्ठित श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में 18 अगस्त (मंगलवार) को 170वीं महाआरती का भव्य आयोजन पंडित श्री दुर्गेश शुक्ला के गरिमामय सानिध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
अड़भार से आगमन और भव्य स्वागत
कार्यक्रम के निर्धारित समय से पूर्व अड़भार से पधारे पंडित दुर्गेश शुक्ला अपनी धर्मपत्नी, पुत्र प्रांजल और परिवार के साथ स्थानीय प्रतिष्ठान पहुंचे, जहां उन्होंने मौलीश्वर महादेव के दर्शन किए। तत्पश्चात, परिवार सहित हनुमान गेट पहुंचने पर मंदिर परिवार के सदस्यों ने पुष्प वर्षा, चरण स्पर्श और जयकारों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया।
विशेष पूजा-अर्चना एवं श्रृंगार
मुख्य अतिथि पंडित शुक्ला हनुमान जी के लिए आक के पत्तों पर 108 बार ‘राम’ नाम लिखकर तैयार की गई विशेष माला साथ लाए थे, जिसे उन्होंने बजरंगबली को अर्पित किया। इसके साथ ही फल, लड्डू और रोठ का प्रसाद चढ़ाया गया। मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव ने पंडित दुर्गेश शुक्ला को तिलक लगाकर एवं चुन्नी भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उनके पुत्र व भांजे को मोती की माला पहनाई गई। वहीं, संध्या वैष्णव और सुनीता तम्बोली ने शुक्ला जी की धर्मपत्नी व भांजी का तिलक लगाकर एवं मोती की माला पहनाकर स्वागत किया।
पट बंद होने के पश्चात पुजारी जी हनुमान जी के दिव्य श्रृंगार में व्यस्त हो गए। इस दौरान कार्यक्रम संचालक कोंडके मौर्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आयोजन की विस्तृत जानकारी दी।
51 दीपों से प्रज्वलित महाआरती और हनुमान चालीसा
पट खुलते ही भक्तों ने हनुमान जी के अलौकिक रूप के दर्शन किए। मातृशक्ति द्वारा पंच दीपक आरती प्रज्वलित की गई, जिसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा गणेश वंदना एवं गणेश जी की आरती की गई। महिला समूह द्वारा 51 दीपों से सजी महाआरती प्रज्वलित की गई, जिसकी प्रथम महाआरती पंडित दुर्गेश शुक्ला और उनके परिवार ने उतारी। तत्पश्चात उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने क्रमबद्ध होकर महाआरती में भाग लिया। मंच पर उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर आरती पूर्ण की और इसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
स्मृति चिन्ह भेंट एवं आशीर्वचन
चालीसा पाठ के उपरांत मुख्य अतिथि को गर्भगृह में आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने हनुमान जी के चरणों में माथा टेका। पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव एवं कोंडके मौर्य ने उन्हें हनुमान जी का छायाचित्र (तस्वीर) भेंट किया। अपने आशीर्वचन में पंडित शुक्ला ने कहा कि सिद्ध हनुमान मंदिर में महाआरती, चालीसा पाठ और बजरंगबली के दर्शन का सौभाग्य मिलना परम सौभाग्य की बात है। उन्होंने मंदिर समिति के इस दिव्य आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
कार्यक्रम के विशेष आकर्षण:
- शिव भजनों की गूंज: मंदिर परिवार के कुछ सदस्य बैजनाथ धाम (जल चढ़ाने) तथा सावन के उपलक्ष्य में महाकाल (उज्जैन) दर्शन हेतु गए हैं। उनके सम्मान में ‘ॐ नमः शिवाय’ भजन का सुंदर गायन किया गया।
- श्रमदानी पप्पू खर्रा का भावुक सम्मान: मंदिर, गार्डन एवं मुक्तिधाम में निरंतर निःस्वार्थ सेवा व श्रमदान करने वाले पप्पू खर्रा (बर्तन) को मंदिर सदस्य अमित तम्बोली द्वारा हस्तनिर्मित घर के आकार का मनी बॉक्स (उपहार) भेंट किया गया। सम्मान के लिए नाम पुकारे जाने पर पप्पू अत्यंत भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।
















